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Showing posts with the label भारत के प्रसिद्ध मन्दिर

देवी माँ के 51 शक्तिपीठों के नाम

देवी पुराण में माँ आदि शक्ति के  51 शक्ति पीठो का उल्लेख मिलता है।  जिनके नाम और स्थान इस लेख में दिये जा रहे है।   इन शक्ति पीठों के अलावा भी माँ के बहुत से मन्दिरों की गणना शक्ति पीठों में की जाती है।  बहुत से मन्दिरों को लेकर हमारे देश में मान्यताओं में मतभेद भी पाए जाते है।   ईश्वर के स्वरूपों और उनकी महिमा की चर्चा करना किसी साधारण व्यक्ति के लिये सम्भव नही है।   हम केवल अपनी बुद्धि की क्षमता के अनुसार ही इसका वर्णन कर सकते है।   शक्तिपीठो के बारे में एक पौराणिक कथा है।  जो कि  इस प्रकार है।    कुम्भ का मेला क्यों लगता है देवी माँ के शक्ति पीठों की कथा भगवान शिव की पत्नी माता सती के पिता का नाम दक्ष था।  राजा दक्ष ने एक बार यज्ञ का आयोजन किया।  तथा सभी देव गणो को आमंत्रित किया।   परंतु भगवान शिव को आमंत्रित नही किया।  माता सती को जब सूचना मिली कि उनके पिता यज्ञ कर रहे है तो उन्होने भगवान शिव से कहा कि मैं भी यज्ञ में जाना चाहती हूँ।   भगवान शिव ने उन्हें समझाया कि,  हे...

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग और उनकी कथाएं

शिव पुराण के अनुसार  भगवान शिव के 64 ज्योतिर्लिंग प्रकट हुए थे।  परंतु केवल 12 ज्योतिर्लिंग ही दर्शनीय है।  यह 12 ज्योतिर्लिंग भारत में स्थित है।   अन्य ज्योतिर्लिंगों का पता आजतक किसी को नही चला है।  यहाँ भारत में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगो का संक्षिप्त परिचय दिया जा रहा है। देवी माँ के 51 शक्तिपीठों के नाम भगवान शिव के अवतार 1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग यह ज्योतिर्लिंग गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित है।  इस क्षेत्र का प्राचीन नाम प्रभास पाटन है।  यह मन्दिर वेरावल बन्दर गाह के पास अरब सागर के किनारे पर स्थित है।   इसके पास त्रिवेणी घाट है जो कि हिरण, कपिला तथा सरस्वती नदियों का  संगम है।  सोमनाथ ज्योतिर्लिंग प्रथम प्रकट ज्योतिर्लिंग माना जाता है।  इससे जुड़ी हुई एक पौराणिक कथा भी है।   राजा दक्ष ने अपनी 27 पुत्रियों का विवाह चंद्र देव से करवाया था।  परंतु चंद्र देव सबसे अधिक प्रेम रोहिणी को ही करते थे।  दक्ष ने इस बात पर क्रुद्ध होकर चंद्र देव को क्षय रोग का श्राप दे दिया।   दक्ष के श्राप के कारण चंद्र द...