नवरात्र का पर्व वर्ष में चार बार आता है। चैत्र के नवरात्र और अश्विन के नवरात्र जिन्हें प्रत्यक्ष नवरात्र कहते है तथा माघ और आषाड़ के नवरात्र जिन्हें गुप्त नवरात्र कहते है। सभी नवरात्र शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि से प्रारंभ होते है। इस लेख में हम चैत्र नवरात्र तथा आषाड़ नवरात्र के बारे में जानेंगे। नवरात्र नवदुर्गाओं की पूजा का पर्व है। नवरात्र दोनो बार मिले जुले मौसम में आते है। चैत्र के नवरात्र के समय सर्दी जाने और गर्मी आने का समय होता है तथा अश्विन के नवरात्र में गर्मी जाने और सर्दी के आने का समय होता है। यह हिंदुओं का पवित्र पर्व है और भारत भर में धूमधाम से मनाया जाता है। भारत के अलावा भी विश्व भर के हिन्दू इस पर्व को बहुत भक्ति-भाव से मनाते है। नवदुर्गाओं के नाम नवरात्र के नौ दिनो में आदि शक्ति के नौ रूप की पूजा की जाती है। नवदुर्गाओं के नाम नीचे दिये गए है। शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्र घन्टा कूष्माण्डा स्कंद माता कात्यायिनी कालरात्रि महागौरी ...
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