मोहिनी एकादशी का मह्त्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते है। पद्म पुराण में भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को सभी एकदशियों की कथा सुनाई थी। मोहिनी एकादशी का वर्णन करते हुए भगवान ने कहा कि एक सहस्त्र गाय दान करने से जो पुण्य फल प्राप्त होता है वही फल मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से तथा कथा सुनने और सुनाने से प्राप्त होता है। स्कंद पुराण के अनुसार जब समुद्र मंथन से अमृत निकला था तब उस अमृत को सुरों और असुरों के बीच बाँटने के लिये इसी एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था। मोहिनी एकादशी की कथा युधिष्ठिर ने श्री कृष्ण से पूछा, हे प्रभु कृप्या मुझे वैशाख शुक्ल एकादशी का मह्त्व क्या है, उसका नाम क्या है और क्या कथा है, ये भी बताए। भगवान कृष्ण बोले, हे युधिष्ठिर! मैं जो कथा कहने जा रहा हूँ,यह कथा महर्षि वशिष्ठ ने दशरथ पुत्र राम चंद्र से कही थी। वही कथा मैं तुम्हें सुनाता हूँ। एक बार श्री राम चंद्र ने अपने गुरु महर्षि वशिष्ठ से कहा, हे गुरुवर! कोई ऐसा पूजन और व्रत बताईये जिसके करने से मनुष्य स...
हिन्दू धर्म संस्कृति की जानकारियाँ