धनतेरस का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इसका शुद्ध नाम धन त्रयोदशी है। आम भाषा में हम इसे धनतेरस कहते है। धनतेरस के दिन से ही दीपावली का पंचदिवसिए पर्व शुरु होता है। दीपावली का पर्व क्यों है इतना प्रसिद्ध वैसे तो धन तेरस से पहले ही लोग त्यौहारो की खरीदारी शुरु कर देते है। लेकिन बहुत सी वस्तुएं इस दिन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इसलिये इस दिन बाजारों में विशेष चहल-पहल रहती है। आज इस लेख के द्वारा आप जानेंगे कि धनतेरस क्यों और कैसे मनाते है और इस दिन क्या-क्या खरीदना चाहिएं। नर्क चतुर्दशी का महत्व धनतेरस क्यों मनाते है? धनतेरस के दिन ही धनवंतरि जी प्रकट हुए थे। इसलिये इस दिन को धन तेरस के नाम से मनाया जाता है। जब देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिये समुद्र मंथन किया था तब बहुत सी वस्तुएं निकली यहाँ तक कि महा तीक्ष्ण विष भी निकल आया। भगवान शंकर ने उस तीक्ष्ण विष को पी कर उसके विषाक्त ताप से पृथ्वी को बचाया। पर अमृत अभी तक नही निकला था। समु...
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