कामदा एकादशी का महत्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहते है। इस दिन व्रत रखने वाले जन सभी पापों से मुक्त हो जाते है। जो भी व्यक्ति इस दिन व्रत रखे और द्वादशी को ब्राह्मणो को भोजन करा कर फिर व्रत का पारण करे उसे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। यह व्रत रख कर यदि कोई व्यक्ति अपने दुष्कर्मो का प्रायश्चित करे तो उसका प्रायश्चित भगवान विष्णु स्वीकार करते है तथा उसे पाप से मुक्त करते है। कामदा एकादशी व्रत विधि इस दिन सुबह सबसे पहले स्नान आदि नित्यकर्म से निवृत्त हो लें। फिर पूजा के स्थान को साफ स्वच्छ करके गंगाजल छिड़क दें। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाये तथा भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें। फिर हल्दी या चन्दन का तिलक अर्पित करें। पीले पुष्प अर्पित करें। धूप तथा दीपक जलाएं तथा आरती करें। भगवान को फलों का भोग लगायें। एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तुलसी अवश्य अर्पित करें। कामदा एकादशी की कथा धर्मराज युधिष्ठिर ने श्री कृष्ण से कहा कि हे प्रभु कृपा कर के मुझे चैत्र शुक्ल एकादशी की महिमा बताए। भगवान कृष्ण ने कहा कि यही प्रश्न र...
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