पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते है। श्रावण माह की शुक्ल एकादशी के सदृश इस एकादशी का नाम भी पुत्रदा एकादशी है। इस एकादशी का व्रत मनुष्य को सभी सुख, धन, सम्पदा आदि से सम्पन्न करता है तथा यह व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति के लिये रखा जाता है। पौष पुत्रदा एकादशी व्रत कथा राजा युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से कहा, हे मनमोहन! हे जगत पालक! आप ने पौष माह की कृष्ण एकादशी का महात्मय सुना कर हमें धन्य कर दिया। अब कृप्या पौष माह की शुक्ल एकादशी का महात्मय भी हमें बताएं। इस एकादशी का क्या नाम है तथा इसका क्या मह्त्व है? द्वारिकाधीश कृष्ण बोले, हे धर्मराज युधिष्ठिर! इस एकादशी का नाम पुत्रदा एकादशी है। श्रावण माह की शुक्ल एकादशी की भाँति इस एकादशी को भी पुत्रदा एकादशी कहते है। इस एकादशी के व्रत से भी मनुष्य के सभी पाप कटते है तथा सुख, सौभाग्य तथा संतान का वरदान प्राप्त होता है। मैं इस एकादशी की कथा सुनाता हूँ, सुनो। एक समय की बात है। भद्रावती नामक एक राज्य था, वहा...
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