जया एकादशी का महत्व माघ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहते है। शास्त्रों के अनुसार इस एकादशी का व्रत समस्त पाप योनियो से मुक्त कर के मनुष्य को मोक्ष प्रदान करता है। यह व्रत सभी पापों का नाश करता है तथा मनुष्य जीवन के लिये मुक्ति का द्वार है। जया एकादशी की व्रत कथा धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से कहा, हे प्रभु! आप ने माघ की कृष्ण एकादशी का महात्मय सुना कर मेरा जीवन धन्य कर दिया। अब आप माघ मास की शुक्ल एकादशी का महात्मय भी सुनायें, मेरी यह सुनने की इच्छा है। इस एकादशी का क्या नाम है, क्या विधि है तथा इसकी क्या कथा है? भगवान कृष्ण बोले, हे प्रिय युधिष्ठिर! माघ मास की शुक्ल एकादशी को जया एकादशी कहते है। इस एकादशी का व्रत महपातको को भी पापों से तारने वाला व्रत है। यह व्रत ब्रह्म हत्या जैसे महा पापों को भी नष्ट करने वाला, प्रेत, पिशाच आदि पाप योनियों से मुक्त करने वाला विशेष व्रत है। मैं इसकी कथा तुमसे कहता हूँ, ध्यानपूर्वक सुनो। देवराज इन्द्र तथा सभी देव-गण सुखपूर्वक स्वर्ग में रह रहे ...
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